जब किसी साधक को मोहिनी सम्पूर्ण सिद्ध हो जाती है तो वह बैठे-बैठे एक जगह से ही व्यक्ति विशेष को अपने वश में तर सकता है| मोहिनी प्रत्यक्ष रूप में सिद्ध होने पर वह जीवन भर साधक का साथ देती है, उसके अनुसार कार्य करती है, साधक की हर आज्ञा का पालन करती है|साधक के प्रत्येक असंभव कार्य को संभव कर देती है